Wednesday, March 9, 2011

हर साल की तरह इस साल भी आठ मार्च को महिला दिवस मनाने की औपचारिकता पूरी कर दी गई ।देश भर में कई तरह के कार्यक्रम और सम्मेलन हुई । हर जगह महिला सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों को और सशक्त बनाने की बात की गई ।प्रयास अच्छे थे । पर महिलाओं से संबंधित सबसे संवेदनशील मामले पर उस तरह की बहस नहीं की गई जिसकी जरुरत है । वह है कन्या भ्रूण हत्या पर पूर्णतया रोक कैसे लगाया जाए ।यह जगजाहिर है कि जिस तरह से देश में लिंगानुपात में कमी आती जा रही है उससे तो यही लगता है कि एक दिन इस धरा से नारी का खात्मा ही हो जाएगा । आपको यह बात आज आपको अटपटा लग सकता है पर अगर समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो ऐसा संभव हो सकता है ।मगर यक्ष प्रश्न यह है कि इस समस्या का समाधान कैसे हो । सरकार ने कानून भी बना दिया है ,लिंग परीक्षण आज गैरकानूनी है ।फिर भी लोग कन्या भ्रूण हत्या से बाज नहीं आ रहें हैं आखिर क्या है इसका वास्तविक समाधान ?जनचेतना के लिए भी कई गैरसरकारी संगठन आज दिन रात काम कर रहें हैं पर परिणाम सिफर ही है ।इस समस्या का वास्तविक समाधान क्या हो इसके लिए और क्या क्या किया जा सकता है आप बुद्धिजीवियों से इस गंभीर विषय पर बहस की अपेक्षा है ।

No comments: